CG NEWS:क्यों आम शिक्षकों के दिल में CM विष्णु देव साय ने बनाई एक खास जगह…. ? 10 महीने में लिखा शानदार इतिहास ……पढ़िए पूरी रिपोर्ट

CG NEWS:बिलासपुर  (मनीष जायसवाल) ।संविलियन के पूर्व मामूली सी तनख्वाह में काम कर रहे शिक्षाकर्मी, पंचायत कर्मी , गारंटी गुरुजी , जनगणना गुरुजी जैसे उप नाम की पहचान वाले शिक्षको के जिम्मे अधिकांश सरकारी स्कूलों की शिक्षा की व्यवस्था थी। इन्होंने इतिहास पढ़ा इतिहास पढ़ाया और इतिहास लिखा भी है..! इनके इतिहास के एक पन्ने पर स्वर्णिम अक्षरों में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का नाम सिर्फ दस महीने में जुड़ गया है ..! 2018 से अनुकंपा नियुक्ति के लिए निरंतर आंदोलन कर रहे पूर्व शिक्षा कर्मियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति देने की घोषणा करके मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के पूर्व शिक्षा कर्मियों के परिजनों और दो लाख के करीब राज्य के शिक्षकों का दिल तो जीत ही लिया है..!

स्कूल शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिवंगत शिक्षा कर्मियों के परिजनों का दर्द समझा । जो वादा विधानसभा चुनाव के पूर्व उनके धरना स्थल पर जाकर किया था उस वादे को उन्होंने सिर्फ दस महीने में पूरा करके लगभग साढ़े बारह सौ दिवंगत शिक्षा कर्मियों के परिजनों के जीवन में दीपावली के पूर्व ही उजियारा लेकर आए है। इस बात में दो मत नहीं है।

नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के करीब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह मास्टर स्ट्रोक प्रदेश के शिक्षकों को उनके करीब ला दिया है। शिक्षकों से हुई एक आम सी चर्चा में यह बात उभर कर आती है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद से अब तक उनसे जो भी शिक्षक मिला उनकी सरलता और सादगी का कायल ही रहा है ..! श्री साय सरगुजा संभाग सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के आम शिक्षकों और शिक्षक नेताओं के बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए संपर्क में रहे हैं। उस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री होने के बाद भी जशपुर के आम शिक्षकों और प्रदेश के शिक्षक नेताओं से वे बड़ी सरलता सादगी से मिलते रहे है।

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इसलिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के  मुख्यमंत्री बनने से पहले ही सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति, शिक्षकों की पूर्व सेवा की गणना, पदोन्नति जैसे शिक्षकों के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मामले शुरू से संज्ञान में रहे हैं।अब उन्होंने दिवंगत शिक्षा कर्मियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति के दायरे में लाकर सालों से चल रही शिक्षकों की समस्याओं को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में एक बड़ा संकेत तो दिया है..!अब आम शिक्षकों को भी लगने लगा है कि उनकी पुरानी सेवा की गणना और क्रमोन्नत वेतनमान सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति जैसे विषय पर भी मुख्यमंत्री श्री साय से सार्थक चर्चा की जाए तो हल टाइम लाइन सहित निकल सकता है।

जशपुर के शिक्षक नेता अजय गुप्ता का मानना है कि लाखों शिक्षकों की भावनाएं दिवंगत शिक्षकों के परिजनों के आंदोलन से जुड़ी हुई थी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे महत्व देते हुए पूर्व शिक्षा कर्मियों को अनुकंपा नियुक्ति देने की घोषणा कर … प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो छत्तीसगढ़ को लेकर नारा दिया था जिसमे कहा गया है कि … हमने ही बनाया है, हम ही इसे संवारेंगे इस लाइन को … धरातल में चरितार्थ करके बता दिया है ..!

बिलासपुर से शिक्षक नेता अश्वनी कुर्रे बताते है कि हमारे संविलियन के पहले के दिवंगत शिक्षक साथियों के साथ अब न्याय हुआ है। अब मोदी की गारंटी में सहायक शिक्षकों के वेतन विसंगति दूर करने की बात भाजपा के संकल्प पत्र में शामिल है। सहायक शिक्षकों को विष्णु देव साय सरकार से आस जगी है वेतन विसंगति दूर होगी।

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एमसीबी जिले से शिक्षक नेता सुरेश कुमार नेताम का कहना है कि अनुकम्पा पीड़ितों को अनुकंपा नियुक्ति देने का आज फैसला किया है साय सरकार की इस मामले में जितनी तारीफ करें उतनी कम है। प्रदेश के मुखिया और उनके मंत्रिमंडल को दिल से धन्यवाद है।

राजनांदगाव से शिक्षक नेता सुशील शर्मा कहते है कि जुग जुग जियो सरकार आपने विधवा बहनो को बेघर होने से बचा लिया  ।भले ही यह निर्णय देर से लिया गया !लेकिन स्वागतेय निर्णय है। भले हमको महंगाई भत्ते का आज एरियर्स नहीं दिया गया है फिर भी अनुकम्पा वाले निर्णय से सरकार से दिल खुश हो गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय केबिनेट का फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि दिवंगत शिक्षा कर्मियों के परिजनों ने खुद को अनुकंपा नियुक्ति के दायरे लाने के लिए 2018 से अब तक बहुत बड़ा संघर्ष किया है। राजधानी रायपुर के बूढ़ा तालाब के धरना स्थल पर खुले आसमान में पेड़ के नीचे कई दिन लगातार आंदोलन किया भूपेश बघेल की सरकार के कार्यकाल के दौरान उनका मुद्दा प्रभावित रहा। लेकिन मामला कमेटियों की फाइलों में झूलता रहा। पूर्व की सरकार उनके लिए हल निकालने में नाकामयाब रही। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी जब विपक्ष में रही तब इनके धरना स्थल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, डॉ. रमन सिंह सहित प्रदेश की कई भाजपा नेता उनके धरना स्थल पर इनका समर्थन देकर आए थे। और यही बात नया रायपुर के तूता धरना स्थल पर बीते कई दिनों से दिवंगत अनुकंपा संघ कह रहा था। अब ये अंत हीन आंदोलन अनुकंपा की पात्रता मिलने से समाप्त हो गया है।

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पंचायत और निकाय चुनाव के करीब इस पूरे घटनाक्रम में शिक्षक जो पढ़े लिखे शिक्षित कर्मचारी संवर्ग से आते हैं। पूरे प्रदेश में इनकी संख्या सबसे अधिक नियमित कर्मचारियों की है। जो गांव और शहर के हर एक व्यक्ति और मोहल्ले तक पढ़ाई के अलावा सरकार की कई योजनाओं को लेकर भी जाते है। चुनाव कराने और चुनाव में बढ़ चढ़कर भाग भी लेते हैं। इन्हें कुछ हद तक साधने और अपना बनाने में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अविभाजित मध्य प्रदेश से अब तक हुए मुख्यमंत्री में सबसे कम समय में आगे निकलते हुए फिलहाल दिखाई दे रहे हैं ।

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